Showing posts with label कॉलेज. Show all posts
Showing posts with label कॉलेज. Show all posts

Saturday, May 28, 2011

वाह क्या प्रेम है..!! wow..!! what a LOVE?


वाह क्या प्रेम है..!!
wow..!! what a LOVE?

(सौजन्य-गूगल)


प्रिय मित्रों,

उत्तर महाभारत महाग्रंथ में कलयुग के भविष्य के बारे में महर्षि वेदव्यास ने कुछ त्रुटिरहित कथन किए हैं ।

शिक्षा जगत में व्याप्त मलिनता के कारण, ज्ञान और विद्या का नाश होगा । ( सही - ग़लत )

( पढ़ने-पढ़ाने वालों की पढ़ाई के क्षेत्र में उदासीनता और सच्चे ज्ञान का ह्रास ?)

आईए, सुनें, एक आधुनिक कॉलेज कन्या की मोबाईल talk..!!

======

" अरे यार..!! माय मम्मा भी देखना? सुबह-सुबह कॉलेज जाते वक़्त ही उसकी खिचपिच शुरु हो गई..!! शैला ये ड्रेस मत पहनना, इसमें तेरा सारा बदन दिखता है । आज जल्दी वापस घर आ जाना । यार हमारी कोई चोईस ही नहीं? शैलाब की भी रिंग आई थी ,"हाय हनी, कॉलेज आ रही है ना? आज कहाँ मिलना है? मैं, शैला उसे पोपट से मिलूँ? MY FOOT!! साला कभी पॉकेट में  तो हाथ डालता नहीं है ? LEAVE IT यार..!!"

इस मंथ के मेरे सारे पॉकेट मनी फिनिश हो गए हैं, बट यु नॉ? मैने क्या किया? इस शैला ने  स्मार्टनेस दिखाते हुए, उस पोंगा पंडित कौशिक को ऐसी मीठी स्माईल देदी कि, उसने ५०० का नोट तुरंत निकाल कर मुझे दे दिया । नहीं यार, फ्री में नहीं..!! उसके बदले, मैंने उसके साथ लोंग ड्राइव पर जानेका प्रोमिस किया है ।

तु भी आएगी क्या? वो रितुडी को हमारे साथ आना था मगर, you know !! वो सिर्फ न्यूज़ पेपर नहीं, पूरा न्यूज़ चैनल है? क्या, ऍक्ज़ाम नज़दीक है? तु कब से ऍक्ज़ाम की फ़िक्र करने लगी? ही..ही..ही..!!

मुझे  कोई चिंता नहीं है? you see, मैंने तो वो हॅन्डसम प्रोफेसर हैं ना? हाँ..हाँ, उसी को पटा लिया है..!! मुझे बहुत हॅल्प कर रहा है । नहीं,नहीं..वो मेरा नहीं, शैलाब का  रिलेटिव है । उसका हैबिट थोड़ा ख़राब है, मेरे साथ शॅक हॅन्ड करने के बाद हाथ जल्दी छोड़ता नहीं है..!!नहीं..नही..यार,उसकी? नो मोर हिंमत, शैला को तो तु जानती है ना? मुझे ऐसों को हैन्डल करना अच्छी तरह आता है..!!

सन्डे को क्या करती? या..र..!! मेरा ये सन्डे बिलकुल बेकार गुज़रा । मेरी मम्मा अभी से, you know,जन्म कुंडली और ऐसा ही कुछ समथिंग-समथिंग ले कर, मेरे रिश्ते के लिए रिश्तेदारों से बात करती रहती है? बट, मैंने तो उसको क्लिन-क्लिन कह दिया है, हालाँकि मैं थर्ड ईयर में स्टडी कर रही हूँ,But, I want to study further? 

मेरे पापा? मेरे पापा तो वॅरी-वॅरी nice guy है..!! पता है, एक दिन क्या हुआ था? उन्होंने मुझे हैं ना, शैलाब के साथ बाईक पर चिपक कर बैठे हुए देख लिया था, फिर भी ही डीडन्ट टेल मी अ सिंगल वर्ड..या..र? 

मेरी मम्मा, मेरी शादी को लेकर, फ़ालतू में Worry हो रही है..!! हाँ..मगर पापाने, मम्मा को  टू मच, worry करते देखकर, उसे साफ-साफ कह दिया, शिला  is mature  enough  to take care of her self..!! 

No..no..यार,  कॉलेज के किसी भी पोपट के साथ,मेरेज तो मैं करनेवाली नहीं..!! 

पापा जहाँ कहेंगे, उसी लड़के के साथ..!! you know our संस्कार culture और ऐसा ही कुछ समथिंग-समथिंग, 

O.K. I am in hurry,we will talk  later,bye."

=======
जान ले लो  मेरी मगर प्यार से(गीत)
=======

नोट- पूरे गीत में, प्रितम शैलाब गीत गा कर शिला से प्यार जता रहा है और शैला `I DON`T CARE.` कह कर इन्कार कर रही है ।


जान ले लो  मेरी, मगर प्यार से....!!

I DON`T CARE.

ज़ख्म दे  दो नया, मगर प्यार से...!!

I DON`T CARE.

१.

चल पड़ा हूँ मैं, इश्क़ की राह पर ।

दिल रखा है क़दमों में, हर आह पर ।

दो क़दम साथ चल, मगर प्यार से....!!

I DON`T CARE.

२.

ज़ुल्फ़ में तेरी यूं ही उलझता गया ।

अश्क बहते रहे, मैं पिघलता रहा ।

एक नज़र देख ले,मगर प्यार से....!!

I DON`T CARE.

३.

आग सी लग गई, जिस्म जलता रहा ।

साँस  थम  सी   गई, मैं  तड़पता रहा ।

दिल जलाओ मेरा, मगर प्यार से.....!!

I DON`T CARE.

 ४.

कोई  क्यूँ न मरे, बेरूख़ी देख कर ।

कोई कैसे जीए, यार को छोड़ कर ।

क़त्ल कर दो मेरा,मगर प्यार से....!!

I DON`T CARE.

=======

बस, हम आगे और क्या कहें, साहब..!! अब, आप ही कुछ फरमाईए?

मार्कण्ड दवे । दिनांकः- २९- ०५-२०११.

Monday, February 28, 2011

रॅव पार्टी-संवाद श्रेणी -१.

रॅव पार्टी ।
 (courtesy-Google images)



बे-वक़्त  मरने  की  चाहत में,  पी रहा  हूँ  मैं ।
अपनी ही  वफ़ा की उलफ़त में, जी रहा हूँ  मैं ।


=========

रॅव पार्टी

" कॉलेज में आयें कितने दिन हो गये?"

"एक सॅमिस्टर"

" होस्टल में बैठकर सारा दिन यूँ ही पोथी पंडित बनकर पढ़ता ही रहेगा क्या?"

" तुम ही बताओ, मैं और क्या करुं । यहाँ पढ़-लिख कर कुछ बनने के लिये ही, मैं आया हूँ ।"

" आज रात,  चल  मेरे साथ..!!"

" रात को? कहाँ?"

" एक पैसे वाले दोस्त के, फार्म हाउस पर..!!"

" क्या है वहाँ?"

" अरे..!! तुम चलो तो सही, देख, मैं तुम्हें कैसे जन्नत की सैर कराता हूँ..!!"

===============

" आ जा..,आ  जा, भीतर आ..जा, घबरा मत, ये सब अपने ही यार-दोस्त हैं, आ..जा..!!"

" यार, मुझे कहाँ ले आये हो तुम? यहाँ तो सब लोग नशे में झूमते नज़र आ रहे हैं ।"

" अरे  यार, ऐश कर ना तु, मज़ा आयेगा । हं..म..; ज़रा ज़ोर से लगा कश, और ज़ोर से...और..और..और  ज़ोर से..!!"

" नहीं..नहीं.., अरे या..र । ये क्या पीला दिया मुझे? क..हाँ  है  जन्नत?"

" क्यों  मज़ा  आया  ना? ये लो, तुम भी क्या याद रखोगे..!! पता है? अप्सरा का इंतज़ाम भी किया है ।"

" अप्सरा? कहाँ  है,  अ..प्स..रा..आ..आ..?"

" अरे स्वीटी, ये मेरा दोस्त है, ले जा उसको सामने वाले कमरे में, मेरे यार को जन्नत की सैर करा..!!  मैं  अभी  आया ।"

" हा..य, हेन्डसम..!! Please come-in,come-in. please, take me on heaven`s ride..!! ओ..ह, ओ..ह, ओ...ह...अ..!!"

=========

(पुलिस वान की सायरन ।)

" पाटिल, रन फास्ट, मेईक हरी.., कैच ऑल ध बास्टर्ड्स..!!"

" बाप के पैसों से, एश हो रही है..ह..म..म..!!"

"Look officer..!! Do You know me? मैं  एम.पी.____ का बेटा हूँ ।"

(एक ज़ोरदार थप्पड की गूँज । स..ट्ट..अ..!!)

" तेरे बाप को अब डायरेक्ट कोर्ट में ही बुलवा लेना..!! उसको भी पता तो चले, मेरा कपुत कैसे-कैसे धंधे करता है? चल..वर्ना दूसरी एक  थप्पड रशीद करुंगा, अबे  च..ल..ना ।"

" सर, यह मॉडल गर्ल के साथ कमरे में कोई लड़का, ड्रग के ऑवरडोज़ से बेहोश हो गया है..!!"

" पाटिल, मेईक हरी । उसे जल्दी अस्पताल पहुँचा दे। जल्दी..जल्दी..!!"

" सर, प्लीज़, उस लड़के को छोड़ दो..!! मेरे कहने पर पहेली बार रॅव पार्टी में आया है।"

(गहरा साँस भरने की आवाज़..!!)

"सर, प्लीज़, उसे जाने दो..!! ये पढ़ाई में तेज़ मगर ग़रीब स्टूडन्ट है, उसके माता पिता की ईकलौती आशा..!!"

" चुप कर, यु बास्टर्ड..!! पाटिल, देख तो ज़रा..!! उसकी साँस चल रही है या नहीं?"

" सर, ये तो मर गया..!!"

" ऑ,,ह..No..!!"

" चलो..चलो..,सब  पुलिस वान में बैठ जाओ..!! कभी लाश नहीं देखी क्या? अ..बे, चल ना..!! कीत्तीबार बोलने का..आ..आ? च..ल..!!"

=========

"DEAR FRIENDS, ENJOY RAVE PARTIES, HAVE A GOOD FUN?"

"ANY COMMENTS?"

मार्कण्ड दवे. दिनांकः २८-फरवरी- २०११.

Ratings and Recommendations by outbrain

Followers

SpellGuru : SpellChecker & Editor For Hindi​​



SPELL GURU