Friday, August 12, 2016

ख़ामोशी ।

ख़ामोश  रह कर, उसके  हर इलज़ाम से, बरी हो गया मैं,
यार, कितनी  कमीनी चीज़ होती है ना, ये  ख़ामोशी भी ?

इलज़ाम = आरोप;   
कमीना = बाज़ारू;

मार्कण्ड दवे । दिनांकः ०७ अगस्त २०१६.

No comments:

Post a Comment

Note: Only a member of this blog may post a comment.

Ratings and Recommendations by outbrain


SpellGuru : SpellChecker & Editor For Hindi​​