Friday, May 27, 2016

अनुभव । (लघु कथा । )

अनुभव । (लघु कथा । )
"बेटे, तुम जो काम करने जा रहे हो, वह सर्वाधिक गैर कानूनी है और तुम्हें मुश्किल में डाल सकता है..!" 

" पापा, आप की राय मैंने मांगी है क्या? आप तो रावण से भी बदतर है । आप बस रहने ही दे, आप ने ज़िंदगी भर ऐसे ही गैर कानूनी काम कर के हम सब को कहीं का नहीं छोड़ा ।" 


"ठीक है बेटे, पर ये मत भूलना की रावण के अंतिम समय में, उसने  अपने बुरे अनुभव से जो राजनीतिक ज्ञान अर्जित किया था, वह सीखने के लिए प्रभु श्रीराम ने, अपने भाई लक्ष्मण जी को भेज कर बहुत बड़ा संदेश सारे जगत को दिया था..!" 


" सॉरी पापा...!" 


मार्कण्ड दवे । दिनांकः २६ मई २०१६.


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